एम्ब्रियो ट्रांसफर के बाद प्रेगनेंसी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं, हालांकि हर महिला में ये लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। ट्रांसफर के 5 से 10 दिनों के भीतर भ्रूण गर्भाशय की दीवार में इम्प्लांट होता है, जिसके बाद हार्मोनल बदलाव शुरू होते हैं। सबसे सामान्य लक्षणों में हल्का पेट दर्द या ऐंठन महसूस होना शामिल है, जो इम्प्लांटेशन का संकेत हो सकता है। कुछ महिलाओं को हल्का स्पॉटिंग या गुलाबी-भूरा डिस्चार्ज भी दिखाई देता है। हार्मोन hCG के बढ़ने से स्तनों में भारीपन, सूजन या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। इसके साथ ही थकान, नींद अधिक आना और शरीर में सुस्ती भी आम लक्षण हैं। कई महिलाओं को मतली, उल्टी या खाने की आदतों में बदलाव महसूस होता है, जैसे किसी खास चीज़ की इच्छा या अरुचि। बार-बार पेशाब आना और सिरदर्द भी शुरुआती प्रेगनेंसी के संकेत हो सकते हैं। मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन या भावनात्मक बदलाव हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण हो सकते हैं। हालांकि ये सभी लक्षण होना ज़रूरी नहीं है और कभी-कभी कोई स्पष्ट लक्षण न होने पर भी प्रेगनेंसी सफल हो सकती है। एम्ब्रियो ट्रांसफर के बाद प्रेगनेंसी की पुष्टि के लिए डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर बीटा hCG टेस्ट कराना सबसे विश्वसनीय तरीका होता है।